बीजेपी चिंतन शिविर का पहला सत्र हुआ समाप्त 2022 के चुनाव का रोड मैप तैयार किया जाएगा चिंतन बैठक में।

रामनगर

एंकर – भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की ब्रीफिंग के साथ ही भाजपा की चिंतन बैठक शुरू हुई। कौशिक ने कहा कि चिंतन बैठक में वर्तमान परिस्थिति और 2022 का रोडमैप तैयार होगा।दीप प्रज्वलन के साथ चिंतन शिविर का शुभारंभ हुआ।

भाजपा की रामनगर में चिंतन बैठक में राज्य की वर्तमान परिस्थितियों और 2022 के चुनाव का रोड मैप तैयार किया जाएगा चिंतन बैठक से पूर्व पार्टी अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि शिविर में राज्य की वर्तमान परिस्थिति पर चर्चा की जाएगी, वर्तमान में कोविड को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर तक लोगों को मेडिकल से लेक हर जरूरत तक मदद का हाथ बढ़ाया है. इस चर्चा पर इसलिए भी जरूरी है क्योंकि विपक्षी जहां महज अपनी पोस्टर चस्पा करने को सेवा मानता रहा वहीं धरना प्रदर्शन तक सीमित रहा और आम जनता के साथ खड़ा नहीं दिखा. महज खामियों की तलाश और उसे तूल देने की फिराक में रहा, लेकिन सेवा कार्यों के लिए उसके पास वक्त नहीं रहा. वह लोगों के बीच में भय का वातावरण बनाने और टूलकिट जैसी साजिस को तैयार करता रहा. इसका प्रतिकार किस तरह हो यह भी चर्चा का विषय होगा।

कौशिक ने कहा कि बैठक में 2022 के चुनाव का रोड मैप पर भी चर्चा की जाएगी. उन्होंने बताया कि रविवार को सुबह से विभिन्न कार्यक्रम व बैठकों का दौर रहा जिसमें प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया यह राष्ट्रीय स्तर पर चल रहा है. तत्पश्चात टोली बैठक में प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री प्रभारी सह प्रभारी, महामंत्री संगठन और तीनों महामंत्री सरीफ हुए बैठक में 3 दिनों के कार्यक्रमों पर चर्चा की गई 3 दिनों में कुल 7 सत्र होंगे, जिनमें विभिन्न विषयों पर चर्चा के बाद मिशन 2022 रणनीति बनेगी. रविवार को साय 7:00 बजे दीप प्रज्वलन के साथ चिंतन शिविर का शुभारंभ किया गया इस अवसर पर राष्ट्रीय महामंत्री प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रदेश सह प्रभारी रेखा वर्मा, प्रदेश महामंत्री संगठन अजय प्रदेश महामंत्री राजेंद्र भंडारी कुलदीप मार सरेशभरबंशीधर भगत विशन सिंह चुफाल राष्ट्रीय मौडिया प्रभारी अनिल बलूनी अजय भट्ट, नरेश बंसल, राज्य लक्ष्मी शाह, अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा सहित मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत एवं उनके मंत्रिमंडल के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

बता दें कि पहले दिन के चिंतन शिविर में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत एवं रमेश पोखरियाल निशंक मौजूद नहीं थे.

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