
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में तमाम मेडिकल इंटर्न डॉक्टरों को स्टाइपेंड देने के निर्देश दिए थे लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के हालात देखिये इन अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के आदेशों को भी दरकिनार कर दिया है।
बता दे कि दून मेडिकल कॉलेज में इंटर्न डॉक्टरों को पिछले 2 माह से स्टाइपेंड नहीं मिला है जिसके कारण इंटर्न डॉक्टरों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है नैनीडांडा विकास समिति देहरादून के सचिव अर्जुन पटवाल ने इस पर गहरा रोष व्यक्त किया है उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में जिन डॉक्टरों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर रात दिन ड्यूटी की उनको विगत दो माह से स्टाइपेंड न देना कहीं न कहीं सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
मात्र ₹17500 प्रति माह के लिए इंटर्न डॉक्टरों को दर-दर भटकना पढ़ रहा है, इससे पूर्व स्टाइपेंड बढाने के लिए भी इंटर्न को आंदोलन करना पड़ा था तब जाकर सरकार द्वारा उनका स्टाइपेंड बढाया गया था, समिति ने मांग की है कि शीघ्र विगत दो माह का इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड का भुगतान किया जाए,

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