तो क्या देहरादून जिले की कैंट विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ेंगे पुष्कर सिंह धामी..?, भाजपा का अभेद किला रही है कैंट विधानसभा।

देहरादून

चम्पावत, लालकुआं, जागेश्वर, रुड़की और कपकोट ! ये वो पांच विधानसभा सीट हैं जहां से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उपचुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं। अब इनमें एक और सीट का नाम जुड़ गया है वो है देहरादून जिले की कैंट विधानसभा सीट। बहुत संभव है कि धामी कैंट सीट से उपचुनाव लड़ें। यह विधानसभा सीट भाजपा का अभेद किला रही है। भाजपा नेता स्वर्गीय हरबंश कपूर इस सीट से लगातार 8 बार विधायक चुने गए। हाल में हुए विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी सविता कपूर ने इस सीट पर नौंवी बार भाजपा को जीत दिलाई है। धामी के लिए इस सीट को सबसे मुफीद माना जा रहा है और पार्टी के भीतर इसे लेकर भी विचार विमर्श शुरू हो गया है। इस तरह के संकेत खुद सीएम धामी ने भी आज कैंट विस क्षेत्र में आयोजित भाजपा स्थापना दिवस समारोह में दिए।
विधानसभा के चुनाव परिणाम आने के बाद धामी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए भाजपा के पांच नवनिर्वाचित विधायकों ने सीट छोड़ने का ऐलान किया था। अब जबकि धामी मुख्यमंत्री बन चुके हैं तो उसके बाद वह कहां से उपचुनाव लड़ेंगे इसे लेकर सियासी गलियारों में कयासबाजी का दौर चल रहा है। जो भाजपा विधायक मुख्यमंत्री धामी के लिए अपनी सीट छोड़ने की पेशकश कर चुके हैं उनमें चम्पावत विधायक कैलाश गहतोड़ी, लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, जागेश्वर विधायक मोहन सिंह महरा, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा और कपकोट के विधायक सुरेश गड़िया शामिल हैं। इनके अलावा खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने भी धामी के लिए अपनी सीट छोड़ने का ऐलान किया था। चर्चा है कि पार्टी के भीतर एक सुझाव यह दिया जा रहा है कि धामी को भाजपा की सर्वाधित सुरक्षित सीट कैंट (देहरादून) से उपचुनाव लड़ाया जाए। चूंकि यह सीट देहरादून जिले की है और भाजपा का गढ़ मानी जाती है इसलिए इस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। एक विकल्प यह भी माना जा रहा है कि धामी के लिए किसी कांग्रेसी विधायक से सीट खाली करवाकर भाजपा लोगों को चौंका सकती है। इस दिशा में भी कोशिशें किए जाने की चर्चा है। हालांकि, मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि वो कहां से उपचुनाव लड़ेंगे यह पार्टी हाईकमान की सहमति से ही तय होगा।

About Author

You may have missed