तबाही का मंजर: नीति घाटी के तमक में फटा बादल, 40 मीटर का पुल बहा, उफान पर आए नाले ने जमकर कहर बरपाया, कई गांवों का तहसील से संपर्क टूटा

 

चमोली

रविवार को नीति घाटी के तमक क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही मच गई। लगातार बारिश के बीच हुई इस घटना से क्षेत्र में हाहाकार मच गया है। बादल फटने के बाद आए मलबे और उफान पर आए नाले ने जमकर कहर बरपाया, जिससे नीति घाटी के जुम्मा, झेलम, कोशा, मलारी, कैलाशपुर, मेहरागांव, फरकिया, बमपा, गमशाली, नीति, द्रोणागिरी, कागा और गरपक्क सहित 21 गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय जोशीमठ से पूरी तरह कट गया है।
बीआरओ द्वारा निर्मित पुल पूरी तरह बहा
इस तबाही में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा निर्मित 40 मीटर लंबा लोहे का पुल पूरी तरह से बह गया। यह पुल इन गांवों में आने-जाने का एकमात्र मार्ग था। पुल के बह जाने से अब इन गांवों के लोग अपने ही घरों में कैद हो गए हैं, और उनका बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह टूट गया है।मलबे का वेग इतना तेज था कि ये अपने साथ गाड़ी और पोकलैंड मशीन को भी बहा ले गया
प्रशासन और बीआरओ की टीमें मौके पर ।मामले की गंभीरता को देखते हुए
स्थानीय प्रशासन और बीआरओ की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। हालांकि, लगातार बारिश और मलबा हटाने में आ रही कठिनाइयों के कारण राहत कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है।
आसपास भारी नुकसान की आशंका
पुल के बह जाने से कई गांवों के निवासियों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, चिकित्सा सुविधाएं और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाओं का सामना करने में भारी कठिनाई होगी। क्षेत्र में रह रह के भारी बारिश का दौर अभी भी जारी है, जिससे नुकसान बढ़ने की आशंका है।

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