अंकिता, अग्निपथ और उत्तराखंड की अस्मिता पर केंद्रित हो चुका चुनाव : राजीव महर्षि

देहरादून
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य मीडिया समन्वयक राजीव महर्षि ने आज कहा कि प्रदेश में लोकसभा चुनाव प्रचार अब पूरी तरह अंकिता हत्याकांड, अग्निपथ और उत्तराखंड की अस्मिता के सवाल पर केंद्रित हो गया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता का रुझान साफ बता रहा है कि अब वह केंद्र और भाजपा की जनविरोधी सरकारों को बर्दाश्त करने के लिए कतई तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की बहरी सरकार को अंकिता भंडारी की लाचार मां की चीख सुनाई नहीं देती, उसी तरह बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का ढोंग करने वाली केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार भी सब कुछ देखते समझते भी मौन साधे हुए है, ऐसे में लोग कैसे उसे बर्दाश्त कर सकते हैं।
महर्षि ने कहा कि सेना उत्तराखंड के युवाओं की पहली पसंद है। यह उनके लिए सिर्फ रोजगार नहीं बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव दर्शाता है लेकिन मोदी सरकार ने जिस तरह से अग्निवीर योजना लाकर उनके सपनों को कुचला है, उससे अब उत्तराखंड से सेना में अग्निवीर सिपाही के हवलदार – सूबेदार के रूप में देश की सेवा कर अपने परिवार का गौरव बढ़ाने की बात सपना बन कर रह गई है। अब प्रदेश का कोई सैनिक हवलदार या सूबेदार नहीं बनेगा। मोदी सरकार ने उनके लिए सारे रास्ते बंद कर दिए हैं। इससे नौजवानों के हृदय में भारी क्रोध है और उसकी अभिव्यक्ति 19 अप्रैल को कांग्रेस के पक्ष में मतदान के रूप में होगी। एकमात्र कांग्रेस पार्टी ने ही सत्ता में आने पर अग्निपथ योजना को खत्म कर सेना के पुराने ढांचे को बहाल करने का वादा किया और लोगों ने कांग्रेस के वादे पर भरोसा कर उसे प्रदेश की पांचों लोकसभा सीटें जिताने का मन बना लिया है।
राजीव महर्षि ने कहा कि उत्तराखंड के संसाधनों को अपने अमीर मित्रों को देने का भाजपा सरकार ने पाप किया है। यहां के युवाओं के हिस्से के रोजगार के अवसरों पर डाका डाला गया है। भर्ती परीक्षाओं में घपले घोटाले कर भाजपा ने हाकम सिंह जैसे रोजगार के सौदागर पैदा किए हैं। यह प्रदेश की अस्मिता की लूट है। इलेक्ट्रोरल बॉन्ड की रिश्वत से भाजपा ने काली कमाई का सम्राज्य बनाया है। जिस सिलक्यारा टनल ने उत्तराखंड की जख्म दिया उस कंपनी से भाजपा ने मोटा चंदा वसूला है। यह तथ्य बच्चा बच्चा जानता है।
उन्होंने कहा कि गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने वाली भाजपा वहां विधानसभा का सत्र करवाने की हिम्मत नहीं जुटा पाई है जबकि अब वहां सारे संसाधन जुटा लिए गए हैं, इसके विपरीत कांग्रेस सरकार ने वहां टेंट में सत्र संचालित किया था। प्रदेश के लोग देख रहे हैं कि भाजपा केवल झूठे वादे कर जनता को भ्रमित करना जानती है, लेकिन अब लोग उसकी असलियत समझ चुके हैं और 19 अप्रैल को उसे सबक सिखाने जा रहे हैं।

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