देहरादून
उत्तराखंड में जबरन धर्मांतरण पर कराने मिलेगी कड़ी सजा, कानून को राजभवन की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राज्य में जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया।
औपचारिक नोटिफेशन के बाद यह विधेयक कानून का रूप ले लेगा। इसके साथ ही राज्य में जबरन धर्मांतरण
संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आ जाएगा।
राजभवन की मंजूरी के साथ विधेयक विधि विभाग मिल गया है। इसके बाद अब आगे की कार्यवाही शुरू की जा रही है। सरकारी प्रेस से इसकी प्रतियों का प्रकाशन कराया जाएगा और पुराने कानून में बदलाव हो जाएगा।
सरकार विधानसभा के शीतकालीन सत्र में यह बिल लाई थी। जबरन कराए जाने वाले धर्मांतरण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को लेकर राज्य में लंबे समय से मांग उठ रही थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस विधेयक पर शुरू से काफी गंभीर थे। विधानसभा में 29 नवंबर को सरकार ने उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता संशोधन विधेयक पेश किया। अगले दिन इसे पारित कर दिया गया।

More Stories
केंद्र सरकार से उत्तराखंड को पूंजीगत निवेश के लिए ₹451.63 करोड़ की विशेष सहायता ऋण की प्रथम किस्त स्वीकृत, मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का किया आभार व्यक्त
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए प्रदान की ₹ 17 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’’ पर हर्रावाला से वेरावल के लिए विशेष रेल यात्रा का शुभारंभ, 700 श्रद्धालु छह दिवसीय विशेष तीर्थ यात्रा में हुए शामिल