
उत्तराखंड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों का ड्रोन कैमरे की मदद से निरीक्षण करेंगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निरीक्षण से पहले मंगलवार को केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के लिए विशेष कार्य अधिकारी भास्कर खुल्बे और उप सचिव पीएमओ मंगेश घिल्डियाल केदारनाथ पहुंचे थे। जहां उन्होंने केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर समीक्षा की।
इस दौरान दोनों अधिकारियों ने निर्माणदायी संस्थाओं को अक्टूबर माह तक कार्यों को पूरा करने को कहा। साथ ही केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सड़क, विद्युत, पानी सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
बता दें कि केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है. यही कारण है कि समय-समय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा करते रहते है।
जानकारी के मुताबिक 22 सितंबर को दिल्ली से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑनलाइन केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों का ड्रोन कैमरों के जरिए निरीक्षण करेंगे. बता दें कि केदारनाथ में इन दिनों दूसरे चरण के कार्य चल रहे हैं. इसके तहत कुल 21 कार्य प्रस्तावित हैं, जिसमें 10 कार्य इसी वर्ष पूरे होने हैं. इन्हीं कार्यों की स्थलीय प्रगति का जायजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार 22 सितंबर को पीएमओ से लाइव लेंगे।
आपको बता दें कि केदारनाथ धाम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक अटूट लगाव है यही वजह है कि साल 2013 में आई भीषण आपदा के बाद केदार घाटी को एक बार फिर से सजाने और संवारने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक बड़ी भूमिका रही है। क्योंकि प्रधानमंत्री बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ धाम के लिए कई बड़े सौगात दी। जिसमें मुख्य रूप से केदार घाटी को अगले 100 साल को ध्यान में रखते हुए विकसित किए जाने का कार्य किया जा रहा है।

More Stories
सीएम धामी ने हल्द्वानी में जनपद नैनीताल के वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस, वन एवं विकास विभाग के अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए स्थायी समाधान और जवाबदेही तय करने के निर्देश
सीएम धामी ने नैनीताल जनपद के भीमताल स्थित बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंसेज में तीन दिवसीय तकनीकी एवं सांस्कृतिक वार्षिकोत्सव ‘स्पेक्ट्रम 2026’ का किया भव्य शुभारंभ
नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023: महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल— कुसुम कंडवाल