खटीमा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का काफिला भारामल दर्शन के उपरांत जब पीलीभीत रोड से गुजर रहा था, तब मुख्यमंत्री सड़क किनारे भुट्टा भून रहे महातम की ठेली के पास अचानक रुके।

मुख्यमंत्री ने न केवल स्वयं भुट्टा भूना, बल्कि वहां पहले से भुट्टे की प्रतीक्षा कर रही एक महिला को भी अपने हाथों से भुना हुआ भुट्टा सौंपा और उनका हालचाल जाना। इसके पश्चात उन्होंने स्वयं भी भुट्टे का स्वाद लिया ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “स्थानीय श्रमिकों और छोटे व्यापारियों की मेहनत ही राज्य की असली ताकत है। हर नागरिक के श्रम का सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने युवाओं से भी आग्रह किया कि वे स्वावलंबन, उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें।
मुख्यमंत्री का यह व्यवहार न केवल विनम्रता और जनता के प्रति उनके जुड़ाव को दर्शाता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि एक सशक्त समाज वही है जहाँ नेतृत्व और आमजन के बीच संवाद और सम्मान की भावना हो।

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