इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारे में उपस्थित छोटे बच्चों से आत्मीय संवाद किया, उन्हें स्नेहपूर्वक आशीर्वाद दिया और शिक्षा व सेवा की भावना को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। बच्चों के चेहरों पर मुख्यमंत्री से मिलने का विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिला।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नानकमत्ता साहिब केवल एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक केंद्र है जो सेवा, करुणा और समानता जैसे मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक पर्यटन का अद्वितीय केंद्र बनता जा रहा है, और राज्य सरकार इस दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने क्षेत्र की जनता को हरेला पर्व की शुभकामनाएं भी दीं और प्रदेश को हरित, स्वच्छ एवं विकसित उत्तराखंड बनाने के संकल्प को दोहराया।
मुख्यमंत्री के साथ प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के पदाधिकारियों की उपस्थिति रही। गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा मुख्यमंत्री का अंगवस्त्र अभिनंदन किया गया।

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