दुबई में बैंक खाते और सिम कार्ड सप्लाई करने वाले एक और बड़े हवाला ऑपरेटर को एसटीएफ/साइबर थाने ने किया गिरफ्तार

देहरादून

वर्तमान में साइबर अपराधी आम जनता की गाढ़ी कमाई हड़पने हेतु अपराध के नये-नये तरीके अपनाकर धोखाधड़ी कर रहे है। इसी परिपेक्ष्य में ठगों द्वारा FEDEX कम्पनी व साईबर क्राईम अधिकारी बनकर कोरियर में अवैध सामग्री पाये जाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधडी की जा रही है ।

इसी क्रम में एक प्रकरण साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को प्राप्त हुआ जिसमें देहरादून निवासी शिकायतकर्ता को अज्ञात व्यक्ति द्वारा कॉल कर स्वंय को कोरियर कम्पनी FEDEX का कर्मचारी बताकर शिकायतकर्ता के नाम से एक कोरियर कस्टम डिपार्टमैन्ट द्वारा पकड़ा जाना जिसमें अवैध सामग्री (150 ग्राम MDMA ड्रग्स ओर 06 फर्जी जाली पासपोर्ट) मुम्बई से ताईवान भेजे जाने की बात कहना तथा कॉल को CYBER CRIME डिपार्टमैन्ट मुम्बई को ट्रांस्फर करना जहां से अन्य अज्ञात व्यक्ति द्वारा स्वंय को साईबर क्राईम मुम्बई का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के माध्यम से इन्वैस्टिगेशन परिदृष्य बनाकर खाता वैरिफिकेशन व केस को निपटाने के नाम पर षडयन्त्र के तहत शिकायतकर्ता से विभिन्न लेन देन के माध्यम से धोखाधड़ी से कुल 11,84,030/-रुपये जमा करवाने सम्बन्धी शिकायत के आधार पर साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मु0अ0सं0 24/2023 धारा 420,120 बी भादवि व 66(डी) आईटी एक्ट बनाम अज्ञात का अभियोग पंजीकृत किया गया तथा विवेचना साइबर थाने के निरीक्षक श्री त्रिभुवन रौतेला के सुपुर्द की गयी।

अभियोग में अभियुक्तों के विरुद्ध कार्यवाही हेतु गठित टीम द्वारा अथक मेहनत व प्रयास से घटना में तकनीकी विश्लेषण से प्रकाश में आये अभियुक्त सागर सिंह पुत्र सतवीर सिंह निवासी म0नं0 5029, गली नं0 01, निकल विश्वकर्मा मन्दिर, शिव कॉलोनी थाना रामनगर करनाल हरियाणा, उम्र 36 वर्ष को करनाल हरियाणा से गिरफ्तार किया गया ।

*अपराध का तरीकाः-*
अभियुक्तगणों द्वारा पीड़ितों को कॉल कर स्वंय को कोरियर कम्पनी FEDEX का कर्मचारी तथा साईबर क्राईम डिपार्टमैन्ट के अधिकारी बनकर पाड़ित के नाम का कोरियर कस्टम डिपार्टमैन्ट द्वारा पकड़े जाने जिसमें अवैध सामग्री विदेश भेजे जाने की बात कहते हुए Cyber Crime डिपार्टमैन्ट मुम्बई का परिदृष्य बनाकर वीडियो कॉल के माध्यम से इन्वैस्टिगेशन करना तथा खाता वैरिफिकेशन व केस को निपटाने के नाम पर षडयन्त्र के तहत धोखाधड़ी की जाती है तथा धोखाधडी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैक खातो में प्राप्त कर उक्त धनराशि का प्रयोग करते है । अभियुक्तगण द्वारा उक्त कार्य हेतु फर्जी सिम, आईडी कार्ड का प्रयोग कर अपराध कारित किया जाता है । अभियुक्त द्वारा विभिन्न मोबाईल हैण्डसेट, सिम कार्ड व फर्जी बैंक खातों का प्रयोग किया जाता है। कुछ पीडितों से एक मोबाईल फोन, सिम कार्ड व बैंक खाते का प्रयोग कर धोखाधड़ी करने के बाद इनके द्वारा नये सिम, मोबाईल हैण्डसैट व बैंक खातों का प्रयोग किया जाता है।
इस पूरी प्रक्रिया के लिए अभियुक्त स्वयं दुबई जाकर वहाँ पर साइबर अपराध से संबंधित एक आपराधिक किट देता है जिसमें भारत के विभिन्न बैंक खाते जो कि करेंट बैंक अकाउंट (Current Bank Account) एसएमएस अलर्ट नंबर आदि दुबई में में दिए जाते हैं | अभियुक्त द्वारा बताया गया कि उसके द्वारा भारतीय रुपए को क्रिप्टोकरेंसी यू एस डी टी (USDT) में दुबई में परिवर्तित किया जाता है और इस संबंध में उनके गिरोह की एक विस्तृत बैठक दुबई में आयोजित की जाती है|
गिरफ्तार अभियुक्त से संबंधित विभिन्न बैंक खातों की लेनदेन कि जानकारी एकत्रित की गई तो पाया गया की अनुमानित ₹ 11,11,04,56 (11 करोड़) अभियुक्त द्वारा विभिन्न पीड़ितों से पूरे भारत में ठगी के बाद धोखाधड़ी से लिए गए हैं|

इसके अतिरिक्त *भारत सरकार I4C गृह मंत्रालय के सहयोग से अभियुक्त से बरामद विभिन्न बैंक खातों मोबाइल नंबरों का भी गहनता से विवेचना में विश्लेषण किया गया है जिसमें अभियुक्त के ऊपर 167 मुकदमे एवं 2977 आपराधिक लिंकेज (Criminal Linkages) जो देश के सभी राज्यों में एवं केंद्र शासित प्रदेशों में मिले | अभियुक्त के ऊपर उत्तर प्रदेश 34 अभियोग, राजस्थान 01, तेलंगाना 67, महाराष्ट्र 02, दिल्ली 12, गुजरात 03, बिहार 04, हरियाणा 08, तमिलनाडु 14, पश्चिम बंगाल 03, कर्नाटक 02, आंध्र प्रदेश 04, उत्तराखंड 02, छत्तीसगढ़ 04, असम 03, चंडीगढ़ 01, गोवा 01, दादर और नगर हवेली 02 आदि मिलाकर के कुल 167 अभियोग मैं अभियुक्त वांछित है |* उत्तराखण्ड राज्य में ही 48 मामलों में अभियुक्त की संलिप्तता पाई गई है |

*गिरफ्तार अभियुक्तः-*
1- सागर सिंह पुत्र सतवीर सिंह निवासी म0नं0 5029, गली नं0 01, निकल विश्वकर्मा मन्दिर, शिव कॉलोनी थाना रामनगर करनाल हरियाणा, उम्र 36 वर्ष

*बरामदगीः-*
1. 02 मोबाईल फोन मय सिम कार्ड
2. 05 सिम कार्ड
3. 52000/- रुपये नगद
4. 01 पासपोर्ट
5. 11डेबिट/विज़ा कार्ड
6. 04 चैक बुक
7. 03 चैक
8. 01 QR Code
9. 01 आधार कार्ड

*पुलिस टीमः-*
1- निरीक्षक त्रिभुवन रौतेला
2- उ0नि0 राहुल कापड़ी
3- उ0नि0 प्रतिभा
4- कानि0 सुधीष खत्री
5- कानि0 सोहन बडोनी

*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड आयुष अग्रवाल* द्वारा जनता से अपील की है कि अनजान कॉल (कोरियर कम्पनी, कस्टम डिपार्टमैन्ट) की कॉल आने पर भली भांति जांच कर लें, किसी भी प्रकार के ऑनलाईन पेमैन्ट करने से पूर्व उक्त कम्पनी / डिपार्टमैन्ट का पूर्ण वैरीफिकेशन सम्बन्धित कम्पनी आदि से भलीं भांति इसकी जांच पड़ताल अवश्य करा लें तथा गूगल से किसी भी कस्टमर केयर नम्बर सर्च न करें। कोई भी शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें । वित्तीय साईबर अपराध घटित होने पर तुरन्त 1930 नम्बर पर सम्पर्क करें ।

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