
केदारनाथ
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की व्यस्तता के बीच कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी आज से तीन दिन तक बाबा केदारनाथ की शरण में पहुंचे है। ऐसे समय में जब चुनाव प्रचार जोरों पर है, राहुल की केदारनाथ धाम की तीन दिवसीय निजी आध्यात्मिक यात्रा के राजनीतिक मायने भी हैं। राहुल गांधी के इस दौरे को कांग्रेस की नरम हिंदुत्व रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है और इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनावी राज्यों में बीजेपी के आक्रामक अभियान के खिलाफ राहुल की जवाबी राजनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
यह राहुल गांधी का निजी दौरा है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनावों के बीच राहुल गांधी का अचानक बाबा केदारनाथ के दर्शन करना और वहां उनका तीन दिवसीय प्रवास राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेस मध्य प्रदेश और राजस्थान व छत्तीसगढ़ में सत्ता विरोधी लहर जैसे अपने नए आकर्षक चुनावी वादों पर भरोसा कर रही है।
वही राहुल गांधी को केदारनाथ में देखकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने जमकर मोदी–मोदी के नारे लगाए। इससे साफ है कि चुनाव से ऐनपूर्व राहुल गांधी के सॉफ्ट हिन्दुत्व के प्रपंच को जनता सिरे से खारिज कर रही है।

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