देहरादून
उत्तराखंड की राजधानी के नगर निगम क्षेत्र में जमीनों का दाखिला खारिज से लेकर विरासत, उत्तराधिकार, वसीयत, बंटवारा आदि के शुल्क में कई गुना बढ़ोतरी का विरोध शुरू हो गया है। राज्य की सबसे बड़ी बार एसोसिएशन देहरादून ने आज मेयर सुनील उनियाल गामा से मुलाकात कर शुल्क कम करने या पूर्व की भांति रखने की मांग उठाई। मेयर ने मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।
बार एसोसिएशन देहरादून के अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा और महासचिव राजवीर सिंह बिष्ट के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का शिष्टमंडल राजधानी के मेयर सुनील उनियाल गामा से मिला। शिष्टमंडल ने मेयर को सौंपे ज्ञापन में कहा कि साल 1994 से दाखिल खारिज के लिए मात्र 150 रुपये का शुल्क लिया जा रहा था, जिसे नगर निगम ने बोर्ड बैठक में कई गुना बढ़ा दिया। निगम का यह निर्णय लागू होते ही जमीनों के दाखिला खारिज, विरासत, उत्तराधिकार, वसीयत, बंटवारा आदि के नामांतरण शुल्क के तौर पर 150 रुपये के बजाय अब 30 हजार से 50 हजार तक लिए जा रहे हैं। आवासीय और गैर आवासीय श्रेणी की संपत्तियों के लिए दाखिल खारिज शुल्क स्टांप शुल्क के आधार पर नामांतरण शुल्क कई गुना ज्यादा लिए जाने से आम लोगों की जेबें ढीली की जा रही है। इससे आम लोगों को आशियाना बनाना बहुत महंगा साबित हो रहा है। एसोसिएशन ने मांग की कि नामान्तरण शुल्क आम जनता के हितों को देखते हुए कम किए जाएं। साथ ही अप्रैल 2023 से पूर्व पंजीकृत विलेखों का शुल्क पूर्व की भांति 150 रूपये रखा जाए।

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