देहरादून
उत्तराखंड भूसंपदा नियामक प्राधिकरण (रेरा) में पंजीकरण कराए बगैर प्लाटों की बिक्री को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण सदस्य ने मेफेयर आईलैंड रियल एस्टेट परियोजना के निदेशक को नोटिस जारी कर दिया है। उन्होंने प्लाटों की बिक्री पर रोक लगाने के साथ ही कंपनी के निदेशक से एक अगस्त तक जवाब मांगा है।
रेरा के सदस्य मनोज कुमार की ओर से दीक्षा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अक्षय जैन को जारी नोटिस में कहा गया है कि उनकी ओर से पछवादून परगना के ब्राह्मण गांव में मेफेयर आईलैंड रियल एस्टेट परियोजना विकसित की जा रही है। इसके तहत बिना प्राधिकरण में पंजीकरण कराए प्लाटों की बिक्री की जा रही है, जो उत्तराखंड भूसंपदा विनियमन एवं विकास अधिनियम 2016 का खुला उल्लंघन है। नियमों के मुताबिक परियोजना को राज्य भूसंपदा नियामक प्राधिकरण में पंजीकरण कराए बिना प्लाट, अपार्टमेंट्स की ना तो बिक्री की जाती है और न ही उससे संबंधित विज्ञापन को प्रकाशित किया जा सकता है।
प्रावधानों के उल्लंघन पर भूसंपदा अधिनियम 2016 की धाराओं के तहत अर्थदंड लगाने का प्रावधान है, जो परियोजना की अनुमानित लागत का पांच फीसदी तक हो सकता है। फिलहाल रेरा के सदस्य मनोज कुमार ने कंपनी के निदेशक से एक अगस्त तक व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा है। उनका यह भी कहना है कि अगर वे अनुपस्थित नहीं होते हैं तो नियमों के तहत सुसंगत प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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