उत्तराखण्ड पुलिस की चारधाम यात्रा-2025 हेतु व्यापक तैयारियां शुरू, चारधाम यात्रा में सुरक्षा और सुगमता के लिए IG गढ़वाल रेंज को बनाया गया चारधाम यात्रा का नोडल अधिकारी

देहरादून
आगामी चारधाम यात्रा-2025 के दौरान श्रद्धालुओं के सुगम एवं सुरक्षित आवागमन तथा यातायात को सुव्यवस्थित रुप से संचालित कराये जाने दृष्टिगत उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियों प्रारंभ कर दी गई हैं। इसी क्रम में आज दिनांक 04 अप्रैल, 2025 को राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र एवं नारायण सिंह नपलच्याल, पुलिस महानिरीक्षक/निदेशक यातायात द्वारा सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उत्तराखण्ड पुलिस की तैयारियों व व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी साझा की गयी, जो निम्नवत है।

नोडल अधिकारी एवं चारधाम यात्रा सेल की स्थापना
आईजी गढ़वाल रेंज, राजीव स्वरूप को चारधाम यात्रा-2025 का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे यात्रा मार्गों और प्रमुख ठहराव स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबन्धन, भीड़ प्रबन्धन और आपदा से निपटने की तैयारियों की सीधी निगरानी एवं समन्वय करेंगे।

गढ़वाल रेंज कार्यालय में चारधाम यात्रा कन्ट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है, जिसके प्रभारी एसपी ट्रैफिक देहरादून, लोकजीत सिंह होंगे। कन्ट्रोल रूम में 01 पुलिस उपाधीक्षक, 02 निरीक्षक, 04 उपनिरीक्षक, व हेड कान्स०/कान्स० की नियुक्ति की जायेगी। यह सेल 24 घण्टे कार्यरत रहेगा। इस कन्ट्रोल रूम में रजिस्ट्रेशन, ट्रैफिक प्रवाह, पार्किंग व्यवस्था, ड्यूटी का व्यवस्थापन, सुरक्षा व्यवस्था, यात्री आवाजाही, डेटा प्रबंधन, फर्जी रजिस्ट्रेशन पर कार्यवाही, आपदा प्रबंधन सहित अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय जैसे कार्यों हेतु विशेष डेस्क स्थापित की जाएंगी। यह कन्ट्रोल रूम अगले 5 दिनों में पूर्णतः सक्रिय हो जाएगा और वरिष्ठ अधिकारियों को यात्रा की स्थिति की दैनिक अपडेट प्रदान करेगा।

मुख्यालय स्तर पर चारधाम सेल
पुलिस मुख्यालय स्तर पर डीआईजी अपराध एवं कानून व्यवस्था, धीरेन्द्र गुंज्याल के नेतृत्व में एक चारधाम सेल गठित किया जाएगा, जो यात्रा से संबंधित सूचनाओं का संकलन एवं समन्वय करेगा।

यात्रा मार्गों का सेक्टरवार विभाजन व पुलिस बल की तैनाती
चारधाम यात्रा को निर्वाध एवं सुरक्षित संचालित किये जाने हेतु इस वर्ष सम्पूर्ण चारधाम यात्रा मार्ग को 15 सुपर जोन, 41 जोन तथा 137 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, प्रत्येक सेक्टर का क्षेत्र 10 किमी रहेगा तथा इन सेक्टरों में 02-02 कान्स० राउंड द क्लॉक ड्यूटी पर नियुक्त रहेंगे।

समस्त यात्रा मार्गों पर 09 अपर पुलिस अधीक्षकों को रूट प्रभारी के रूप में अलग से नियुक्त किया गया है, जिनके द्वारा अपने ड्यूटी क्षेत्र में यात्रा व्यवस्थायें की जाएगी, साथ ही प्रत्येक धाम में 01-01 पुलिस उपाधीक्षक को धाम का प्रभारी बनाया गया है, जिनके द्वारा धामों की सम्पूर्ण व्यवस्थायें सुनिश्चित की जायेंगी।

सम्पूर्ण यात्रा के सकुशल संचालन हेतु 24 पुलिस उपाधीक्षक, 66 निरीक्षक, 366 उपनिरीक्षक, 615 हेड कांस्टेबल, 1222 कांस्टेबल, 208 महिला कांस्टेबल, 926 होमगार्ड, 1049 पी०आर०डी० के जवान, 09 कम्पनी पी०ए०सी० 26 सब टीम एसडीआरएफ की नियुक्ति की जानी प्रस्तावित है।

यातायात एवं पार्किंग प्रबंधन
यातायात प्रबंधन हेतु व्यापक रणनीति तैयार की गई है। जिसके तहत पुलिस महानिरीक्षक / निदेशक यातायात ने स्वयं एवं अपनी टीम के साथ यात्रा मार्गों को स्थलीय निरीक्षण प्रारंभ कर दिया है, तथा यात्रा मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया गया है।

नए एक्सप्रेसवे के शुभारंभ को देखते हुए यमुनोत्री मार्ग पर अतिरिक्त हॉल्टिंग क्षेत्रों और पार्किंग की व्यवस्था प्रशासन के साथ समन्वय से की जा रही है।

ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप की तर्ज पर यमुनोत्री-गंगोत्री धामों के लिए विकासनगर क्षेत्र में एसपी विकासनगर के पर्यवेक्षण में यात्रियों एवं वाहनों का प्रबंधन किया जाएगा।

समस्त जनपद प्रभारियों से फीडबैक लिया जा रहा है और यात्रा मार्गों पर यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक पुलिस बल का आकलन किया जा रहा है।

कैंप व्यवस्था
एसपी विकासनगर और एसपी ऋषिकेश को क्रमशः विकासनगर और ऋषिकेश में यात्रा कैंप स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बल तैनाती एवं प्रशिक्षण
पूर्व वर्षों की तुलना में इस वर्ष अधिक संख्या में पुलिस बल, एसडीआरएफ, होमगार्ड्स, पीआरडी, और पीएसी को तैनात किया जा रहा है। कुमाऊँ रेंज से अतिरिक्त बल उपलब्ध कराया जाएगा।

नियुक्त किए जा रहे बलों को यात्रा से जुड़ी समस्त प्रकिया की जानकारी हेतु यात्रा प्रबंधन संबंधी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।

चारधाम कंट्रोल रूम में एक वेलफेयर ऑफिसर नियुक्त किया जाएगा, जो पुलिस बल एवं अन्य सहायक टीमों के रहने, खाने और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।

विगत वर्षों में यात्रा प्रबंधन में आयी समस्याओं/चुनौतियों को संकलित कर शासन के माध्यम से संबंधित जिलाधिकारियों और विभागों को यथासमय अवगत कराया गया है।

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