गैरसैण
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के लिए धामी सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सोमवार को गैरसैण में हुई धामी सरकार की कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके परिजनों को प्रादेशिक नौकरियों में 10% क्षैतिज आरक्षण दिए जाने के बिल के प्रस्ताव को धामी कैबिनेट ने मंज़ूरी दे दी है।
उत्तराखंड में लंबे समय से राज्य आंदोलनकारियों को क्षैतिज आरक्षण दिए जाने को लेकर की मांग चल रही थी। पूर्व में नैनीताल हाईकोर्ट ने वर्ष 2011 में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण पर रोक लगा दी थी। जिसके बाद से राज्य आंदोलनकारियों को क्षैतिज आरक्षण दिये जाने का यह विधेयक वर्ष 2016 से राजभवन में लंबित था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बाबत अपने स्तर से स्वयं राजभवन से अनुरोध किया। उनके अनुरोध पर 7 साल बाद पिछले साल राजभवन ने इसे लौटा दिया था। इधर धामी सरकार ने विधेयक की ख़ामियों को दूर करते हुए नए सिरे से प्रस्ताव तैयार किया। आंदोलनकारियों की माँग को लेकर सीएम धामी ने बड़ा मन दिखाते हुए प्राथमिकता के आधार पर इस प्रस्ताव को कैबिनेट से मंज़ूरी दे दी।

More Stories
चारधाम यात्रा को लेकर बड़ी घोषणा, 23 अप्रैल को खुलेंगे भगवान बदरीनाथ धाम के कपाट, 19 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले जाएंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट
शीतलहरी रात्रि में अचानक शहर के चौक-चौराहों पर पंहुच डीएम ने देखी अलाव व्यवस्था, रेनबसेरों में रहने वालों का जाना हाल
मुख्यमंत्री धामी की जन-केंद्रित पहल का असर, “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” से 3.56 लाख से अधिक लोग लाभान्वित