मुख्यमंत्री ने कहा कि करोड़ों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन, सुव्यवस्थित व्यवस्था एवं बेहतर प्रबंधन हेतु सभी संबंधित विभागों ने समन्वय एवं सजगता से कार्य किया, जिसके फलस्वरूप यह विशाल धार्मिक आयोजन सकुशल सम्पन्न हो सका।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है और यहाँ आयोजित होने वाले धार्मिक आयोजनों में देश-विदेश से श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेते हैं। ऐसे आयोजनों में सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा, स्वच्छता एवं अन्य सुविधाओं का सुनियोजित प्रबंधन आवश्यक होता है, जिसे सभी के द्वारा सराहनीय रूप से किया गया।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से राज्य पुलिस, आपदा प्रबंधन टीम, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, परिवहन विभाग, स्वयंसेवी संगठनों तथा आम जनता के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह सामूहिक प्रयास उत्तराखण्ड की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और सशक्त करता है।

More Stories
चारधाम यात्रा को लेकर बड़ी घोषणा, 23 अप्रैल को खुलेंगे भगवान बदरीनाथ धाम के कपाट, 19 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले जाएंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट
शीतलहरी रात्रि में अचानक शहर के चौक-चौराहों पर पंहुच डीएम ने देखी अलाव व्यवस्था, रेनबसेरों में रहने वालों का जाना हाल
मुख्यमंत्री धामी की जन-केंद्रित पहल का असर, “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” से 3.56 लाख से अधिक लोग लाभान्वित