देहरादून
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुकूल औद्योगिक नीति के कारण राज्य में द्रुत गति से औद्योगिक विकास हुआ है, जिसके फलस्वरूप विद्युत की मांग में निरन्तर वृद्वि हुई है। सर्दियों के मौसम में बिजली की कमी गंभीर हो जाती है क्योंकि ठंडे तापमान के कारण नदियों में पानी का बहाव कम हो जाता है। राज्य में बिजली की मांग प्रतिवर्ष लगभग 4 से 5 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है और लीन सीजन की अवधि में प्रतिदिन लगभग 4 से 5 मि0यू0 की औसत कमी होती है। औद्यौगिकीरण बढ़ने के कारण आने वाले वर्षों में विद्युत की मांग और बढ़ने की सम्भावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा मंत्रालय के द्वारा की गई संस्तुति के दृष्टिगत राज्य में विद्युत परियोजनाओं के तेज गति से विकास किये जाने के लिए यूजेवीएन लि0 (राज्य सरकार का उपक्रम) और टीएचडीसी इण्डिया लि0 के बीच एक संयुक्त उपक्रम (टीएचडीसीआईएल-यूजेवीएनएल एनर्जी कम्पनी लि0) का गठन किया गया है। टीएचडीसी इण्डिया लि0 की तापीय विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में भी अनुभव को ध्यान में रखते हुए राज्य की विद्युत मांग की आपूर्ति हेतु इस नए संयुक्त उपक्रम के माध्यम से एक पिट-हेड थर्मल पावर प्लांट स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।

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