देहरादून
देहरादून ही नही आस पास के उत्तरप्रदेश एवँ उत्तराखंड के क्षेत्रों में अपना विश्वास लिये दून सिख वेलफेयर सोसायटी के 42वे नेत्र जांच शिविर डोईवाला के गुरुद्वारा के लँगर हाल में सम्पन्न हुआ। जाँच शिविर का प्रारम्भ वाहे गुरु जी से सभी की आँखों की स्वस्थ जाँच एवँ सफल ऑपरेशन की अरदास के साथ हुई। आज के शिविर में कुल 192 मरीजो की जाँच हुई तथा 35 मरीजो को मोतिया बिंदु के ऑपरेशन के योग्य पाया गया जिनके ऑपेरशन कल से श्री महन्त इंदिरेश हॉस्पिटल भेजे जायेंगे जहाँ अनुभवी डॉक्टरों द्वारा किये जायेगे। संस्थापक अध्यक्ष कृपाल सिंह चावला कहा कि मैंने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर एक छोटा सा पौधा लगया था आज सभी के सहयोग से एक मजबूत वृक्ष बन गया। श्री महन्त इंदिरेश हॉस्पिटल के नेत्र विशेषज्ञ डॉ दिविजा अरोड़ा एवँ डॉ परिजात ने मरीजो की जांच की एवँ उनके साथ आये तकनीकी विशेषज्ञों ने नजर एवँ अन्य जांच की। सभी जरूरतमन्दों को दवाइयां, नजर के पढ़ने वाले चश्मे मुफ्त दिये गये। गुरुद्वारा डोईवाला के अध्यक्ष श्री गुरदीप सिंह सचिव श्री जसविन्दर सिंह एवँ अन्य साथियों ने अपना पूर्ण सहयोग देकर शिविर को सफल बनाया। शिविर में सोसायटी के अध्यक्ष जे एस मदान, सचिव के के अरोड़ा, कोषाध्यक्ष त्रिलोचन सिंह के साथ शिविर सनमयवक सरदार सतनाम सिंह के साथ पूर्व अध्यक्ष जे एस जस्सल, अमरजीत सिंह भाटिया, अर्जुन दास भारद्वाज, विजय कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष वी के वोहरा, रच्छपाल सिंह, संयुक्त सचिव अमरजीत सिंह ओबरॉय के साथ महिला सदस्यों श्रीमती मीना गुप्ता, मछिन्दर कौर कम्बो ने कैम्प को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग दिया। अन्त अध्यक्ष मदान जी गुरुद्वारा डोईवाला प्रबन्धक कमेटी का शिविर को सफल बनाने एवँ सभी के लिये गुरु महाराज का लंगर परसाद हेतु धन्यवाद दिया।

More Stories
आमजन के कार्यो से जुडी शाखाओ का एसएसपी दून ने किया औचक निरीक्षण, Liu शाखा, वेरिफिकेशन सेल, हेल्प डेस्क के कार्यों का लिया जायजा, आमजन से जुड़े कार्यो में तेजी लाने की दी सख्त हिदायत
Operation Crackdown के तहत एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर दून पुलिस की बड़ी कार्यवाही, एसपी सिटी के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस, एसओजी, एएनटीएफ तथा डॉग स्क्वाड की संयुक्त टीम द्वारा पटेलनगर क्षेत्र में चलाया सत्यापन अभियान, 22 संदिग्धों को पुलिस ने लिया हिरासत में
देवभूमि की धरोहर ‘देवतत्व’ को संवारने के लिए प्रयासरत धामी सरकार, देवभूमि की धार्मिक, सांस्कृतिक धरोहरों के सरंक्षण एवं संवर्धन पर जोर