रवि मल्होत्रा,दुकानदार
देहरादून
रक्षाबंधन का त्यौहार हिंदू धर्म का ऐसा त्योहार है जिसे भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक माना जाता है। उस दिन भाई अपनी बहन की जीवन भर रक्षा करने का वचन देता है। इस दिन बहने अपने भाई की कलाई पर एक रक्षा सूत्र बांधती हैं, मिठाई खिलाती हैं और भाई की आरती उतारती हैं ।
पौराणिक कथा के अनुसार जब भगवान विष्णु राजा बलि के साथ पाताल लोक में रहने चले गए तब देवी लक्ष्मी चिंतित हो उठी. पति को वापस लाने के लिए नारद जी ने देवी लक्ष्मी से कहा कि आप राजा बलि को राखी बांधकर भाई बना लीजिए और वरदान के रूप में भगवान विष्णु को मांग लीजिए। पाताल के राजा बलि को देवी लक्ष्मी ने राखी बांध कर उन्हें अपना भाई बनाया एवं भगवान नारायण को स्वतंत्र कराया, वह दिन सावन पूर्णिमा का था।
इस वर्ष रक्षा बंधन भद्रा पुंछ 30 अगस्त को शाम 5:30 बजे से शाम 6:31 बजे तक रहेगा, और रक्षा बंधन भद्रा मुख शाम 6:31 बजे शुरू होगा और 30 अगस्त को रात 8:11 बजे समाप्त होगा। तिथि (पूर्णिमा) 30 अगस्त को सुबह 10:58 बजे शुरू होती है और 31 अगस्त को सुबह 7:05 बजे समाप्त होती है। राजधानी देहरादून में भी राखी को लेकर बहनों में उत्साह है। बाजार भी रंग-बिरंगी राखियों से सजे पड़े है। दुकानदार रवि मल्होत्रा ने बताया कि इस बार पुराने जमाने की फोम वाली राखियां भी आई है साथ ही चंदन,रुद्राक्ष और तुलसी की राखियों को भी ग्राहक पसन्द कर रहे है वही बच्चों की राखियों में छोटा भीम,डोरेमोन,पिकाचु जैसी कई राखियां बाजार में उपलब्ध है।

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