देहरादून
डीएम डॉ. आर. राजेश कुमार ने भिक्षावृत्ति करने और कराने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अधिकारियों से आमजन को भिक्षा न देने के प्रति जागरूक करने के लिए भी कहा।
सोमवार को डीएम की अध्यक्षता में शिविर कार्यालय में जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक हुई। डीएम ने टास्क फोर्स समिति और संबंधित विभागों के अधिकारियों को जनपद में भिक्षावृत्ति पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। कहा कि शहर में भिक्षावृत्ति करने और कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। खासकर जो महिलाएं बच्चों को गोद में लेकर भिक्षावृत्ति कर रही हैं, उन पर विशेष नजर रखते हुए कार्रवाई करने और बच्चों को चाइल्ड केयर होम में रखने के लिए कहा।
उन्होंने समिति के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में भिक्षावृत्ति के मुख्य स्थलों को चिह्नित करते हुए नियमित रूप से प्रभावी कार्रवाई की जाए। अन्य राज्यों के जो लोग भिक्षावृत्ति करते हुए पाए जाते हैं, उनका पूरा पता लेकर उनके मूल राज्य व जनपद में भेजे जाने की व्यवस्था बनाएं। बार-बार भिक्षावृत्ति करते पकड़े जाने वालों पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार, सख्त कार्रवाई कर जेल भेजा जाए। उन्होंने कहा कि भिक्षावृत्ति और बालश्रम की शिकायत पर नियमित छापे मारने के अभियान चलाएं।
डीएम ने आमजन से अपील की है कि सड़क, चौराहों, बाजारों, धार्मिक स्थलों के बाहर भिक्षावृत्ति करने वालों को भिक्षा न दें। बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सीएस रावत, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, श्रम विभाग से केके गुप्ता, एससी आर्य, मैक संस्था के अध्यक्ष जहांगीर आलम, सहायक श्रम आयुक्त रितिक शर्मा, बचपन बचाओ आंदोलन के राज्य समन्वयक सुरेश उनियाल, चाइल्ड हेल्पलाइन की केंद्रीय समन्वयक दीपिका पंवार आदि मौजूद रहे।

More Stories
राज्य के सड़क नेटवर्क को सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक किया प्रतिभाग, उत्तराखण्ड की सड़क अवसंरचना को रूपये 7 हजार करोड़ की मिली सहमति
धामी सरकार का मिला सहारा, फिल्म जगत में चमकेंगे उत्तराखंड के युवा, उत्तराखंड फिल्म नीति के तहत FTII से पासआउट युवाओं को मिली छात्रवृत्ति
एक बार फिर आपके द्वार पहुंच रही है धामी सरकार, 4 जुलाई से फिर शुरु होगा ‘जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’ कार्यकम, मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर चलेगा 15 दिन का विशेष अभियान