बढ़ती महंगाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फूंका केंद्र-राज्य सरकार का पुतला, 2022 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे कार्यकर्ता–विशाल खत्री

देहरादून

पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस की कीमतों में लगातार की जा रही बेतहाशा वृद्धि महंगाई व वैश्विक महामारी के दंश से दुखी जनता की कमर तोड़ने का काम किया है।विशाल खत्री ने कहा कि कांग्रेस अब प्रदेष की भाजपा सरकार की इस लूट को बर्दाश्त नहीं करेगी और महंगाई के खिलाफ आंदोलन चलाया जाएगा।

उन्होनें कहा भाजपा ने वादा किया था की अगर डबल इंजन की सरकार आयेगी तो महंगाई कम होगी, पेट्रोल 35 रू में मिलेगा पर आज महंगाई चरम पर है पेट्रोल 95 पार डीसल् 90 पार है, गैस का सिलेंडर आज 900 पार है, सब्सिडी भी बंद कर दी गयी है
कोरोना महामारी से प्रदेश की जनता पिछले तीन महीने से जूझ रही है पर सेवा करने की याद आज आ रही है ये सिर्फ एक चुनावी स्टंट है आषिर्वाद यात्रा की आड़ मे सरकार अपनी असफलताओं को छुपाने का असफल प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव से लेकर आज तक झूठ बोलने के सिवा कुछ नहीं किया। भाजपा की केन्द्र व राज्य सरकारों ने अपने अभी तक के कार्यकाल में मंहगाई, भ्रष्टाचार तथा लोकतंत्र को तार-तार करने के सिवा कुछ नहीं दिया है।

उन्होनें कहा की कांग्रेस का एक एक साथी पूरी मेहनत से 2022 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट कर बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने का काम करेगा, साथ ही भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के बारे में घर-घर जाकर जन-जन को अवगत करायेगा।

इस मौके पर जिला महामंत्री विशाल खत्री ने कहा कि रसोई गैस सिलिंडर के दाम में लगातार वृद्धि होने से घरों का बजट बिगड़ गया है। केन्द्र की भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण पेट्रोल व रसोई गैस के दाम रोज बढ़ाकर गरीब आदमी के पेट पर लात मारने का काम हो रहा है। दाल, सब्जियों की कीमतें आम आदमी की पकड से बाहर होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर कोरोना महामारी के चलते बेरोजगार हो चुकी जनता पहले से मंहगाई की मार झेल जनता पर और मंहगाई का बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को चाहिए था कि आम आदमी को बढती मंहगाई से राहत देने के लिए बिजली, पानी, हाउस टैक्स माफ किया जाना चाहिए था तथा खाद्यद वस्तुओं के दाम कम किये जाने चाहिए थे परन्तु इसके विपरीत यह देखने में आया है कि बिना बिजली की रीडिंग के ही हजारों रूपये के बिल आ रहे हैं तथा बिलों को आँनलाईन जमा करने का दबाव जनता पर डाला जा रहा है

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